बताते चलें कि मेरे गाँव मेहरावना, तहसील चकराता, ज़िला देहरादून(उत्तराखण्ड) में नई दिवाली हमेशा मनाई जाती रही है। लेकिन वह एक दिन को होती थी। श्री चालदा महासू महाराज के अमुक गाँव में आगमन पर और वहाँ प्रवास तक, उस क्षेत्र में आने वाले गाँवों में प्रथानुसार पुरानी दिवाली भी नई दिवाली के साथ ही मनाई जाती है। कुछ वर्ष पूर्व मोहना गाँव में चालदा महासू देवता का आगमन हुआ, और चालदा महासू के मोहना में प्रवास के दौरान अन्य खतों के साथ उपल-बनगांव खत के गाँव जिसमे मेरा गाँव मेहरावना भी शामिल है, में प्रथानुसार नई दिवाली मनाई गई। ग्राम मेहरावना के निवासियों ने तय किया कि महाराज के प्रस्थान के बाद भी पुरानी दिवाली को नई दिवाली में सम्माहित करके अब एक ही दिवाली मनायी जाए। उसी का आज पहला दिन है।
Watch & Enjoy how Pahadi Diwali began in my village today :
आप सबको दिवाली पर्व की सपरिवार शुभकामनाएँ !
1 comment:
Unique celebrations of Festival of light
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